Mutual Fund: 2026 में बदल लें SIP में निवेश की स्ट्रैटजी, ये रहा गिरते बाजार में अच्छा रिटर्न कमाने का सॉलिड तरीका
अगर आपकी SIP पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का ज्यादा असर पड़ रहा है, तो 2026 में रणनीति बदलने का समय आ गया है. अब मुनाफा सिर्फ रिटर्न से नहीं, बल्कि सही संतुलन से आएगा. और इसके लिए मल्टी एसेट फंड्स आम निवेशकों की मदद कर सकते हैं.
पिछले कुछ सालों में SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश को अच्छा रिटर्न कमाने के सबसे अच्छे विकल्प के रूप में देखा जाना लगा. बहुत से लोग हर महीने पैसा डालते रहे और बाजार की हलचल को नजरअंदाज करते रहे. लेकिन 2025 के अनुभव ने यह साफ कर दिया कि सिर्फ इक्विटी-आधारित SIP हर बार सुरक्षा की गारंटी नहीं देती. कभी शेयर गिरते हैं, कभी वैश्विक तनाव असर दिखाता है और कभी ब्याज दरें निवेश को दबाव में ला देती हैं. ऐसे में 2026 में SIP की सोच को थोड़ा स्मार्ट बनाना जरूरी हो गया है. और इसके लिए मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स निवेशकों की मदद कर सकते हैं.
मल्टी एसेट फंड्स क्या अलग करते हैं?
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स की सबसे बड़ी खासियत है डायवर्सिटी. ये फंड सिर्फ शेयरों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि डेट और सोना-चांदी जैसे एसेट्स को भी साथ लेकर चलते हैं. जब शेयर बाजार दबाव में होता है, तब गोल्ड या डेट निवेश को संभाल लेता है. इसी वजह से पूरे पोर्टफोलियो में झटके कम लगते हैं और निवेशक मानसिक रूप से भी ज्यादा शांत रहते हैं. इसके साथ ही तीन आसान तरीके अपनाकर आप अपने निवेश की स्ट्रैटजी को और भी मजबूत कर सकते है.
2026 की सबसे बड़ी गलती यह होगी कि SIP सिर्फ इक्विटी फंड में की जाए. मल्टी एसेट फंड्स SIP को अपने आप तीन अलग-अलग इंजन दे देते हैं. शेयर लंबी अवधि में ग्रोथ देते हैं, डेट स्थिरता बनाए रखता है और सोना संकट के समय सुरक्षा कवच बनता है. यही संतुलन बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच मुनाफे को बचाकर रखता है.
लंबी अवधि में भरोसेमंद सुरक्षा
बहुत से निवेशक मानते हैं कि ज्यादा रिटर्न सिर्फ ज्यादा जोखिम से आता है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहते हैं. लंबे समय में मल्टी एसेट स्ट्रैटेजी ने लगभग इक्विटी जितना ही रिटर्न दिया है, लेकिन उतार-चढ़ाव काफी कम रहा है. इसका मतलब यह हुआ कि आपकी SIP की वैल्यू अचानक टूटती नहीं है और कंपाउंडिंग लगातार काम करती रहती है. 2026 में यह भरोसेमंद निरंतरता सबसे बड़ा फायदा बन सकती है
सोना-चांदी क्यों बन रहे हैं SIP के नए साथी?
महंगाई, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सोना और चांदी फिर से चमक रहे हैं. 2025 में कीमती धातुओं ने जबरदस्त रिटर्न देकर यह साबित कर दिया कि इन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. मल्टी एसेट फंड्स निवेशकों को यह मौका देते हैं कि वे बिना अलग-अलग फंड संभाले, इस ग्रोथ का हिस्सा बन सकें.
2026 का निवेश मंत्र क्या हो?
2026 में सफल SIP में निवेश के साथ रिस्क मैनेजमेंट जरूरी होगा. ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितताओं के कारण शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. ऐसे में हाइब्रिड और मल्टी एसेट फंड्स निवेशकों के पोर्टफोलियो को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाएंगे.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या 2026 में सिर्फ इक्विटी SIP करना जोखिम भरा हो सकता है?
हां, बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते सिर्फ इक्विटी पर निर्भर SIP में अचानक गिरावट का खतरा रहता है.
Q2 मल्टी एसेट एलोकेशन फंड SIP किस तरह मुनाफा सुरक्षित करता है?
जब शेयर बाजार गिरता है, तब डेट या सोना नुकसान की भरपाई कर सकता है. इससे पूरे पोर्टफोलियो पर असर कम पड़ता है.
Q3 क्या छोटे निवेशक भी मल्टी एसेट फंड SIP शुरू कर सकते हैं?
बिल्कुल, ज्यादातर मल्टी एसेट फंड्स में SIP की शुरुआत ₹500–₹1000 से हो जाती है.
Q4 लंबी अवधि में क्या मल्टी एसेट फंड इक्विटी जितना रिटर्न दे सकते हैं?
आंकड़े बताते हैं कि लंबे समय में मल्टी एसेट फंड्स का रिटर्न इक्विटी के करीब ही रहा है, लेकिन रिस्क कम रहा है.
Q5 किस निवेशक के लिए 2026 में मल्टी एसेट SIP सबसे बेहतर है?
जो निवेशक बाजार की तेज गिरावट से घबराते हैं, नियमित SIP करना चाहते हैं और लंबे समय के लिए सुरक्षित ग्रोथ चाहते हैं.


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